बहरैन में विपक्षी दलों और संगठनों ने घोषणा की है कि लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए जारी उनका आंदोलन नहीं रुकेगा।
बहरैन के पांच राजनैतिक दलों, अवलेफ़ाक़, अलवाद, नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस, नेशनल वर्क एलायंस तथा नेशनल ब्रदरहुड एलायंस ने मनामा घोषणापत्र के नाम से एक दस्तावेज़ जारी किया है जिसमें इन पार्टियों ने कहा है कि निर्वाचित सरकार के गठन, भेदभाव के अंत, पारदर्शी चुनावों के आयोजन और बाहर से आने वाले सरकार के पिट्ठुओं को नागरिकता देने की प्रक्रिया के समापन जैसी मांगें जब तक पूरी नहीं हो जातीं उस समय तक प्रदर्शन जारी रहेंगे।इन राजनैतिक दलों ने कहा है कि बहरैन को स्वाधीनता मिलने के बाद से यह देश एक ही प्रधानमंत्री के नियंत्रण में है और देश की अस्सी प्रतिशत भूमि, बंदरगाहें, नदियां, आले ख़लीफ़ा सरकार के अधिकारियों की निजी संम्पत्ति गन गई हैं और भूमि की कमी के कारण आवासीय, शैक्षिक, चिकित्सा और औद्योगिक परियोजनाओं को व्यवहारिक बनाना असंभ हो गया है, इन परिस्थितियों में कैसे आशा की जा सकती है कि देश विकास करेगा। बयान में कहा गया है कि बहरैन की सरकार एक सैनिक सरकार है इसमें लोकतांत्रिक सरकार होने का कोई लक्षण नहीं है।बहरैन में 14 फ़रवरी से शाही सरकार के विरुद्ध आंदोलन चल रहा है।
समाचार समाप्त
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